Hey Superman!
What do you call a person whom you can risk to hit as hard as you can without hurting, without having the fear to lose. "Superman"? .. Or... "Friend"...
I have been lucky to meet one (for sure) such person in life, and i know for sure that i cannot do anything ever which can break the friendship between us... as we know that the eavry slipper we are throwing upon each other is just to "Hit" ... Every slap we are giving each other is just a "hit" on the face ... nothing more .... Still if i would have ever done anything which was way out of the line would like to say ... Sorry! .. Yes It was unnecessary but I dont want to take any chances with the most precious gift given by the life.
For all other who are reading this . you should certainly envy me as I know where the superman can be found...
Monday, December 07, 2009
Thursday, January 24, 2008
"वो बेचारा"
घिसट रहा है,
घिसट रहा है,
सिसक रहा है,
अटक रहा है,
हिचक रहा है,
कुछ कहने से रुका हुआ है,
कुछ कहने से डरा हुआ है,
या सिर्फ! तड़प रहा है,
मचल रहा है................
"Am I Audible"
There has been a sound
A sound which was loud
Loud enough to make noise
A noise to hinder meaning
A noise to make it linger
A noise to just raise finger
A noise with nothing at all
A sound dying in the hall....
Tuesday, January 22, 2008
Thanks Dear Consultants
This all happened during an eye opener consultancy session, We realized that whatever they are talking is Hebrew... and right right then my friend Lakshaya turned into a poet.... Go through the lines.. Ultimate ....
This all happened during an eye opener consultancy session, We realized that whatever they are talking is Hebrew... and right right then my friend Lakshaya turned into a poet.... Go through the lines.. Ultimate ....
" What a Presentation.. Mr Consultant"
What you say is what I hear
But I don't like it my dear
I must ask you to take care
You are beginning to split my hair
while I understand I am no Shakespeare
Looking at your speech I don't have any fear
It seems nothing for all I may care
This was all I had to share......
Written By
Lakshaya Chawla
Consultants beware....!!!
Monday, January 21, 2008
"हाँ तुम ही हो"
आज तुम्हारे इन नयनो ने
हर संशय को है दूर किया
हाँ तुम ही हो, वो एक हसी
ये आज मुझे यकींन हुआ
एक टक सा कुछ ढूँढ रहीँ थी
कुछ कहने को तैयार हुयी थी
कुछ कह गयी या न कह सकी
अजब निराली सी थी वो भाषा
तुम्हारे इन चंचल नयनो से
हौले से चुपके से
कह दूँगा एक दिन हर बात
जो है अनकही.....
लेकिन रुकना होगा तुमको तब तक
जब तक सीख नहीँ लेते
मेरे ये अनपढ नयन
तुम्हारे इन नयनो कि भाषा
Friday, November 02, 2007
Thursday, September 27, 2007
"क्यूँ नहीं लौट जाते"
हे ऐकान्त के वासी,
ये सूर्य देश कहाँ है,
जिसका कोई सार ना हो,
ऐसा प्रदेश कहाँ है।
देखा, हाँ मैने भी देखा है,
क्षितिज से क्षितिज तक फैला,
नभ की विशालता को चीरता,
नितान्त ऍकान्त था वहाँ।
पर तुम कयूँ इतने चिन्तित हो,
क्यूं ये पीड़ा प्रण लिया है,
क्यूँ नही लौट जाते ऍकान्त मे,
जिसके तुम आदी हो।।
हे ऐकान्त के वासी,
ये सूर्य देश कहाँ है,
जिसका कोई सार ना हो,
ऐसा प्रदेश कहाँ है।
देखा, हाँ मैने भी देखा है,
क्षितिज से क्षितिज तक फैला,
नभ की विशालता को चीरता,
नितान्त ऍकान्त था वहाँ।
पर तुम कयूँ इतने चिन्तित हो,
क्यूं ये पीड़ा प्रण लिया है,
क्यूँ नही लौट जाते ऍकान्त मे,
जिसके तुम आदी हो।।
Saturday, September 15, 2007
"मेरा अंडा"
और फिर भगवान ने मुझे इक अंडा दिया और कहा ये दुनिया का सबसे मजबूत अंडा है, हजार हाथी भी इसे नही तोड़ सकते। मैने जो भी किया अंडे ने मुझे सहारा दिया, मुझे पता था कि कुछ भी इसके पार नही जा सकता, मै अजेय होता गया...और जीतता गया....
आज जब सारी दुनिया मेरी है, ये लोग कहते है अंडा कुछ भी नही, ये इक मामूली सा आम अंडा है! मुझे पता है , ये सही में दुनिया का सबसे मजबूत अंडा है, इसिलिये तो मै राजी हो गया आज के इस शक्ति परीक्षण के लिये और दाँव पे लगा दी अपनी सारी कमायी। ये विशाल हथौड़ा सब कुछ तोड़ सकता है, हीरा भी.. लेकिन मुझे पता है ये मेरा अंडा नही तोड़ पायेगा...और तभी मुझसे कहा गया ... परीक्षण का वक्त आ गया है। क्या सही में परीक्षण का वक्त आ गया है, क्या मुझे थोड़ा भी और समय नही मिलेगा, मै डर क्यूँ रहा हूँ... ये तो दुनिया का सबसे मजबूत अंडा है जिसने जिन्दगी भर मेरा साथ दिया है, ये आज भी मुझे नीचा नही दिखायेगा... और मैने अंडा हथौड़े के नीचे रख दिया।
लेकिन इससे पहले कि परीक्षण पूरा होता मै अंडा लेकर वापिस आ गया और अपनी हार स्वीकार कर ली।
क्या मै डर गया हूँ, या मुझे अपने अंडे पे भरोसा नही? जो भी हो , हार गया हूँ पर फिर भी पता नही क्यूँ आज सब कुछ रंगीन दिख रहा है , हर जगह फूल खिल रहे है ..ऍसा लग रहा है जैसे की सारी सृष्टि किसी नवजात शिशु के जन्म की खुशी मना रही है।
दीपक
और फिर भगवान ने मुझे इक अंडा दिया और कहा ये दुनिया का सबसे मजबूत अंडा है, हजार हाथी भी इसे नही तोड़ सकते। मैने जो भी किया अंडे ने मुझे सहारा दिया, मुझे पता था कि कुछ भी इसके पार नही जा सकता, मै अजेय होता गया...और जीतता गया....
आज जब सारी दुनिया मेरी है, ये लोग कहते है अंडा कुछ भी नही, ये इक मामूली सा आम अंडा है! मुझे पता है , ये सही में दुनिया का सबसे मजबूत अंडा है, इसिलिये तो मै राजी हो गया आज के इस शक्ति परीक्षण के लिये और दाँव पे लगा दी अपनी सारी कमायी। ये विशाल हथौड़ा सब कुछ तोड़ सकता है, हीरा भी.. लेकिन मुझे पता है ये मेरा अंडा नही तोड़ पायेगा...और तभी मुझसे कहा गया ... परीक्षण का वक्त आ गया है। क्या सही में परीक्षण का वक्त आ गया है, क्या मुझे थोड़ा भी और समय नही मिलेगा, मै डर क्यूँ रहा हूँ... ये तो दुनिया का सबसे मजबूत अंडा है जिसने जिन्दगी भर मेरा साथ दिया है, ये आज भी मुझे नीचा नही दिखायेगा... और मैने अंडा हथौड़े के नीचे रख दिया।
लेकिन इससे पहले कि परीक्षण पूरा होता मै अंडा लेकर वापिस आ गया और अपनी हार स्वीकार कर ली।
क्या मै डर गया हूँ, या मुझे अपने अंडे पे भरोसा नही? जो भी हो , हार गया हूँ पर फिर भी पता नही क्यूँ आज सब कुछ रंगीन दिख रहा है , हर जगह फूल खिल रहे है ..ऍसा लग रहा है जैसे की सारी सृष्टि किसी नवजात शिशु के जन्म की खुशी मना रही है।
दीपक
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